विद्युत मंत्रालय में इकाई-वार कार्य का आबंटन

ऊर्जा संरक्षण

  1. ऊर्जा संरक्षण नीति एवं योजना से संबंधित मामले।
  2. ऊर्जा संरक्षण (ईसी) अधिनियम, 2001 के कार्यान्वयन से संबंधित मामले।
  3. ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) के प्रशासनिक मामले।
  4. ईसी अधिनियम, 2001 के अनुसार बीईई के महानिदेशक, सचिव और अन्य कार्मिकों की नियुक्ति से संबंधित मामले।
  5. ईसी अधिनियम, 2001 के अंतर्गत नियम एवं विनियम तैयार कने से संबंधित मामले।
  6. ऊर्जा लेखा परीक्षा से संबंधित मामले।
  7. ऊर्जा संरक्षण प्रबंधन के क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग।
  8. ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में प्रशिक्षण एवं प्रतिनियुक्ति से संबंधित मामले।
  9. ऊर्जा संरक्षण का प्रचार एवं जागरूकता।
  10. विद्युत, कृषि, परिवहन, आद्योगिक, घरेलू और वाणिज्यिक क्षेत्रों में ऊर्जा संरक्षण।
  11. सीएएसई बैठकों सहित गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत मंत्रालय से संबंधित मामले।
  12. मानकीकरण और बीआईएस समन्वय।
  13. राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार के वितरण और राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के आयोजन से संबंधित मामले।
  14. ऊर्जा संरक्षण से संबंधित विविध मामले।

हाइडल-।

  1. टीएचडीसी, नीपको और पूर्वोत्तर राज्यों से संबंधित सभी मामले।
  2. बोर्ड स्तर के निदेशक, उनके सेवा संबंधी मामले, न्यायिक मामले, संसदीय मामलो सहित नीपको और टीएचडीसीआईएल के सभी प्रशासनिक मामले और नीपको एवं टीएचडीसीआईएल से संबंधित लेखा परीक्षा पैरा और विविध संदर्भ।
  3. नीपको एवं टीएचडीसीआईएल की मौजूदा, चालू और नई परियोजनाओं से संबंधित मामले।
  4. नीपको और टीएचडीसीआईएल द्वारा कार्यान्वित परियोजनाओं की बाधाओं को दूर करने के लिए परियोजनाओं की निगरानी और सरकार के स्तर पर हस्तक्षेप।
  5. पीआईबी/सीसीईए के निवेश अनुमोदन के लिए बजटीय समर्थन देना, लागत अनुमान लगाना और परियोजनाओं के संशोधित लागत अनुमान सहित नीपको और टीएचडीसीआईएल के वित्तीय मामले।
  6. नीपको एवं टीएचडीसीआईएल के अंतर्गत जल विद्युत परियोजनाओं का नवीकरण एवं अद्यतन।
  7. पूर्वोत्तर राज्यों की जल-विद्युत परियोजनाओं के लिए विविध मामले।

टीएचडीसी इंडिया लि.

  1. टीएचडीसी इंडिया लि. भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश का संयुक्त उद्यम है। कंपनी का गठन कंपनी अधिनियम, 1956 के अंतर्गत टिहरी डेवलपमेंट कारपोरेशन लि. के नाम से जुलाई, 1988 में प्राइवेट लि. कंपनी के रूप में हुआ था। कारपोरेशन के मुख्य उद्देश्य टिहरी हाइड्रो पावर काम्प्लैक्स और अन्य जल विद्युत परियोजनाओं का विकास, प्रचालन और अनुरक्षण करना तथा पर्यावरण, परिस्थितिकी और सामाजिक मूल्यों की प्रतिबद्धता के साथ गुणवत्तापरक, वहनीय और निर्बाध विद्युत उपलब्ध कराना है।
  2. कंपनी अधिनियम, 1956 में निर्धारित आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद, भागीरथी घाटी के बाहर की परियोजनाओं की वर्तमान व्यवसायिक स्थिति को दर्शाने के लिए कंपनी के ज्ञापन और संस्था की नियमावली नवंबर,10 में संशोधित की गई है। कारपोरेशन को प्राइवेट से पब्लिक लि. कंपनी में परिवर्तित किया गया है और ऊर्जा और नदी घाटी के पारंपरिक/गैर-पारंपरिक/नवीकरणीय स्रोतों के विकास को शामिल करने के लिए आपत्ति खण्ड में संशोधन किया गया है। कारपोरेट कार्य मंत्रालय, नई दिल्ली के अनुमोदन के अनुसरण में दिनांक 6 नवंबर, 2009 से कारपोरेट का नाम ''टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड'' से बदलकर ''टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड'' कर दिया गया है।
  3. भारत सरकार ने अक्टूबर-09 में कारपोरेशन को ''मिनी रत्न श्रेणी-।'' का दर्जा दिया है। इस प्रकार इसे संगठन के विकास और प्रगति के संबंध में नीतिगत फैसलों में शक्तियों के बढ़े हुए प्रत्यायोजन के लिए सक्षम बनाया गया है।
  4. 30 सितंबर, 2009 की स्थिति के अनुसार टीएचडीसी इंडिया लि. की अधिकृत पूंजी 4000 करोड़ रूपए है और कंपनी की प्रदत्त पूंजी 3297.58 करोड़ रूपए है। वित्तीय वर्ष 2008-09 के दौरान कंपनी की कुल आय 1069.43 करोड़ रूपए थी। टीएचडीसी ने 325.21 करोड़ रूपए का निवल लाभ अर्जित किया और वर्ष 2008-09 के लिए 98.0 करोड़ रूपए के लाभांश का भुगतान किया।
  5. टीएचडीसी टिहरी डैम एवं हाइड्रो पावर प्लांट (1000 मेगावाट), कोटेश्वर एचईपी (400 मेगावाट) एवं टिहरी पीएसपी (1000 मेगावाट) सहित भागीरथी नदी पर टिहरी हाइड्रो पावर काम्प्लैक्स (2400 मेगावाट) कार्यान्वित कर रहा है जिसमें से टिहरी एचपीपी प्रचालन के अधीन है। अलकनंदा नदी पर दूसरी अन्य निर्माणाधीन परियोजना विष्णुगढ़ पीपलकोटी एचईपी (444 मेगावाट) है।
  6. धौलीगंगा नदी पर मलारी झेलम (114 मेगावाट) और झेलम तमक (126 मेगावाट) की डीपीआर तैयार की जा रही है। जडगंगा नदी पर करमोली एचईपी (140 मेगावाट), जडगंगा एचईपी(50 मेगावाट) और धौलीगंगा नदी(काली) पर बोकांग बेलिंग एचईपी (330 मेगावाट) का सर्वेक्षण किया जा रहा है एवं जांच के चरण में है।
  7. उत्तराखंड में पूर्वोक्त परियोजनाओं के अलावा उत्तर प्रदेश में बेतवा नदी पर धुकवा एचईपी (24 मेगावाट) की डीपीआर का अद्यतन एवं कार्यान्वयन भी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा टीएचडीसी को सौंपा गया है। धुकवा एचईपी की अद्यतन डीपीआर उत्तर प्रदेश सरकार को प्रस्तुत कर दी गई है।
  8. टीएचडीसी ने देश में पंप्ड स्टोरेज स्कीमों सहित जल विद्युत परियोजनाओं के विकास के लिए शक्तियों और क्षमताओं को साथ-साथ क्रियाशील बनाने के लिए न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लि. (एनपीसीआईएल) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने डीपीआर अद्यतन करने के लिए टीएचडीसी और एनपीसीआईएल के संयुक्त उद्यम को कालू नदी पर मलशेज घाट (600 मेगावाट) और बजारदे नाल्हा (कोयना नदी की सहायक) नदी पर डुम्बर्ली (400 मेगावाट) नामक दो (2) पीएसपी आबंटित की है।
  9. जल विद्युत क्षेत्र विकास में भारत-भूटान सहयोग के अंतर्गत डीपीआर अद्यतन करने के लिए विद्युत मंत्रालय ने संकोश नदी पर संकोश बहुद्देश्य परियोजना (4060 मेगावाट) और भूटान में वांग्चू नदी पर बुनख्खा एचईपी (180 मेगावाट) नामक दो परियोजनाएं आबंटित की है। संकोश एमपीपी की अद्यतन डीपीआर पहले ही विद्युत मंत्रालय को प्रस्तुत की जा चुकी है।

नीपको

  1.  भारत सरकार उद्यम की अनुसूची 'क' की नार्थ इस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कारपोरेशन लि. (नीपको) का गठन भारतीय कंपनी अधिनियम, 1956 के अंतर्गत विद्युत मंत्रालय के अधीन भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व कंपनी के रूप में 2 अप्रैल, 1976 को हुई थी। इसका मिशन पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए जल विद्युत और ताप विद्युत स्टेशनों की योजना बनाना, प्रोत्साहन देना, जांच, सर्वेक्षण, निर्माण, उत्पादन प्रचालन एवं अनुरक्षण करना है। नीपको का प्राधिकृत पूंजीगत हिस्सा 5000 करोड़ रूपए है और 31 मार्च, 2009 की स्थिति के अनुसार इसका निवल मूल्य 4182.17 करोड़ रूपए है।
  2. देश का पूर्वोत्तर क्षेत्र देश में व्यापक जल विद्युत क्षमता से युक्त है इसका आकलन लगभग 58971 मेगावाट किया गया है यह देश की कुल जल विद्युत क्षमता का 40% उत्पादन करता है। जल विद्युत क्षमता के अतिरिक्त, इस क्षेत्र में प्रचुर प्राकृतिक गैस स्रोत है। इसमें विकसित क्षेत्रों के अंतर्गत विद्युत क्षेत्र के विकास की अपार संभावनाएं हैं जो देश में सामान्य और क्षेत्र में विशेषकर आर्थिक उन्नति का अंतरण कर सकता है।
  3. नार्थ इस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कारपोरेशन का मुख्य उद्देश्य चालू परियोजनाओं के ईष्टतम उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए जल एवं ताप विद्युत संयंत्र स्थापित करके पूर्वोत्तर क्षेत्र में विद्युत उत्पादन क्षमता में वृद्धि करना है। नीपको नदी बेसिन के जल विद्युत स्रातों के ईष्टतम विकास और पूर्वोत्तर क्षेत्र में ताप विद्युत स्रोतों के विकास के लिए दीर्घकालिक व्यवहार्यता अध्ययन करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
  4. नीपको ने वर्ष 1976 से आज की तिथि तक पूर्वोत्तर क्षेत्र में 1130 मेगावाट की कुल संस्थापित क्षमता वाली 7 विद्युत परियोजनाएं सफलतापूर्वक शुरू की है जिसमें से 23 :77 के अनुपात में के अखिल भारतीय अनुपात की तुलना में 67 :33 के अनुपात में जल ताप विद्युत के अनुपात सहित जल विद्युत क्षेत्र में 755 मेगावाट और ताप विद्युत क्षेत्र में 375 मेगावाट क्षमता शामिल है। आज की स्थिति के अनुसार नीपको पूर्वोत्तर क्षेत्र की कुल संस्थापित क्षमता की 50% क्षमता का उत्पादन कर रहा है।
  5. नीपको की विभिन्न परियोजनाओं का ब्यौरा हमारी वेबसाइट www.neepco.gov.in पर उपलब्ध है।
  6. उपर्युक्त साइट को प्रत्येक माह के अंत में नई सूचनाओं के साथ अद्यतन किया जाता है।

हाइडल-॥

  1. एसजेवीएनएल का प्रशासन। एसजेवीएनएल से संबंधित निदेशक मंडल की नियुक्ति, बोर्ड स्तर की नियुक्ति एवं विभिन्न मामलों से संबंधित न्यायिक मामले, संसदीय मामले, लेखा पैरा और विविध संदर्भ।
  2. एसजेवीएनएल की मौजूदा, चालू और नई परियोजनाओं से संबंधित सभी मामले।
  3. एसजेवीएनएल की चालू परियोजनाओं की निर्माण निगरानी। पीआईबी/सीसीईए के निवेश अनुमोदन के लिए परियोजनाओं को बजटीय सहायता जारी करना और लागत अनुमान तैयार करना। परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी और बाधाओं को दूर करने के लिए सरकारी स्तर पर  मध्यस्थता।
  4. एसजेवीएनएल के अधीन जल विद्युत परियोजनाओं का नवीकरण एवं उन्नयन।
  5. 50,000 मेगावाट जल विद्युत पहलें।
  6. जल विद्युत नीति। जल विद्युत नीति तैयार करने/अद्यतन करने, जल विद्युत नीति पर मंत्रीमंडल नोट तैयार करने संबंधी सभी मामले।
  7. जम्मू एवं कश्मीर तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र को छोड़कर राज्य क्षेत्र की जल विद्युत परियोजनाओं के विविध मामले।

एनएचपीसी

  1. एनएचपीसी का प्रशासन। निदेशक मंडल की नियुक्तियां, नियुक्तियों से संबंधित न्यायालयी मामले बोर्ड स्तर तथा बोर्ड स्तर से नीचे के सेवा मामले, संसदीय मामले, लेखा पैरे और एनएचपीसी से संबंधित कोई विविध संदर्भ।
  2.  एनएचपीसी की मौजूदा, चालू और नई परियोजनाओं से संबंधित सभी मामले।
  3.  एनएचपीसी की चालू परियोजनाओं की निर्माण निगरानी/एनएचपीसी को बजटीय सहायता जारी करना तथा पीआईबी/सीसीईए के निवेश अनुमोदन के लिए परियोजनाओं के लागत अनुमानों की कार्रवाई/परियोजना की प्रगति की निगरानी और बाधाओं को दूर करने के लिए सरकारी स्तर पर मध्यस्थता।
  4.  एनएचपीसी परियोजनाओं का नवीकरण एवं उन्नयन।
  5.  एनएचडीसी, मध्य प्रदेश सरकार और एनएचपीसी के बीच संयुक्त उद्यम संगठन के संबंध में उक्त सभी मामले।
  6.  जम्मू एवं कश्मीर, समन्वय, प्रधानमंत्री कार्यालय को रिटर्न भेजना, गृह मंत्रालय एवं अन्य विभाग, जम्मू एवं कश्मीर में विद्युत से संबंधित सभी मामले।

भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड(बीबीएमबी)

  • भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड से संबंधित सभी कार्य।

 

समन्वय

  1. संसद के लिए राष्ट्रपति का संबोधन/प्रधानमंत्री का स्वतंत्रता दिवस भाषण/आर्थिक संपादक सम्मेलन।
  2. राष्ट्रीय दिवस/समारोह/पुरस्कार/मेडल।
  3. राज्य प्रोफाइल (जम्मू एवं कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों को छोड़कर)
  4. विज्ञापन/प्रचार-प्रसार/फिल्में/साक्षात्कार/लेख/पीआईबी मामले/ मीडिया अभियान।
  5. विभिन्न मंत्रालयों/विभागों से प्राप्त विविध संदर्भ।
  6. सामान्य प्रकृति के सम्मेलन/गोष्ठियां/प्रदर्शनी/ मेले।
  7. प्रख्यात व्यक्तियों से प्राप्त विविध, वीआईपी संदर्भ/ संदर्भ।
  8. प्रधानमंत्री कार्यालय /मंत्रिमंडल सचिवालय से प्राप्त विविध संदर्भ ।
  9. विभिन्न मंत्रालयों/विभागों/मंत्रिमंडल सचिवालय/प्रधानमंत्री कार्यालय/योजना आयोग/यूपीएससी के लिए विभिन्न विविध रिटर्न।
  10. जोनल परिषद संबंधी मामले।
  11. अंतर राज्यीय परिषद संबंधी मामले।
  12. कार्य संचालन नियमावली एवं कार्य संचालन नियमों का आबंटन।
  13. जम्मू एवं कश्मीर में विद्युत परियोजनाओं की तिमाही प्रगति रिपोर्ट।
  14. विद्युत मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट।
  15. मुख्यमंत्री/विद्युत मंत्री का सम्मेलन।
  16. विविध सीओएस मामले और इसकी बैठकें।
  17. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से प्राप्त सामाजिक कल्याण के विविध मामले।
  18. वार्षिक संदर्भ-भारत।
  19. प्रशासकीय वार्षिक पुस्तिका।
  20. सभी संगठनों/पीएसयू के प्रमुखों के साथ द्विमासिक समन्वय बैठकें।
  21. मंत्रिमंडल का मासिक सार।
  22. राष्ट्रीय न्यूनतम साझा कार्यक्रम/बल दिए जाने वाले क्षेत्र/प्राथमिकता मदों से संबंधित कार्य।
  23. मुकदमे से संबंधित मामलों के जन सम्पर्क से संबंधित कार्य।
  24. मंत्रालय में उप सचिव एवं इससे ऊपर के अधिकारियों की तिमाही बैठकें।
  25. समय-समय पर सौंपे गए विभिन्न विविध कार्य।

पावर ग्रिड

  1. पावर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और केन्द्रीय पारेषण यूटिलिटी से संबंधित मामले ।
  2. नेशनल पावर ग्रिड से संबंधित सभी मामले ।
  3. केन्द्रीय पारेषण परियोजना से संबंधित मामले ।
  4. पड़ोसी देशों के साथ विनिमय के लिये पीपीसीआईएल द्वारा कार्यान्वित पारेषण परियोजनाओं से संबंधित सभी मामले ।

पारेषण

  1. राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों की पारेषण परियोजना लाइनोँ से संबंधित सभी मामले ।
  2. केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण की विद्युत प्रणाली स्कन्ध के लिये सॉफ्टवेयर / प्रशिक्षण कार्यक्रमों की खरीद से संबंधित मामले ।
  3. आरईबी / आरएलडी ।
  4. पी एंड टी विभाग द्वारा राजस्व प्रभार की वसूली, पीएसीसी / पीटीसीसी मामले ।
  5. पड़ोसी देशों के साथ आंतरिक पारेषण परियोजनाएं और विद्युत का विनिमय ।
  6. पूर्वोत्तर राज्यों और सिक्किम में उप-पारेक्षण और वितरण के सुधार के लिये योजनाओं का कार्यान्वयन - संसाधनों के कभी खत्म न होने वाले केन्द्रीय पूल से वित्तपोषण ।
  7. बिहार के विभाजन के बाद विशेष आर्थिक पैकेज का कार्यान्वयन ।
  8. पावर ग्रिड द्वारा विशेष बजटीय योजना में श्रीनगर लेह कारगिल के निर्माण / चालू किया गया ।

 हाइडिल प्रभाग के संबंध में आबंटित कार्य

  1. पड़ोसी देश जैसे भूटान, म्यंमार आदि में नियुक्त परियोजनाओं से संबंधित कार्य ।
  2. बाह्य सहायता ।
  3. आर एण्ड एम ।

निवेश प्रोत्साहन प्रकोष्ठ

  1. निजी विद्युत नीति मामले ।
  2. निजी क्षेत्र विद्युत परियोजनाओं संबंधित मामले ।
  3. निजी परियोजनाओं की स्थिति रिपोर्ट के संबंध में और उनको नियमित अद्यतन निगरानी विवरण का कम्प्यूटरीकरण ।
  4. टीईसी के संबंध में सीईए के साथ समन्वय ।
  5. एफआईपीबी/ विवरण स्थिति रिपोर्ट के संबंध में सहयोग ।
  6. आईएफआई/सीआरजी (गठन बैठक आदि) से संबंधित मामले ।
  7. मेगा विद्युत परियोजना नीति ।
  8. कैप्टिव पावर परियोजनाओं से संबंधित सभी मामले ।
  9. सभी एबीएल मैटर ।
  10. गैस लिंकेज कमेटी प्रस्ताव ।
  11. आईपी सेल द्वारा निजी विद्युत क्षेत्र पर प्रकाशित किये गये पत्रिकाओं को जारी करना ।
  12. कोल लिंकेज / कोल आपूर्ति परिवहन करार ।
  13. आईपीपी/सीपीपी को कैप्टिव कोल माइनिंग ब्लाकों के आबंटन का प्रस्ताव ।
  14. वित्तीय बंदों को सुविधाजनक बनाने के लिये वित्तीय संस्थानों के साथ बातचीत ।
  15. ईंधन मूल्य निर्धारण (गैस एंड नापथा) की गारंटी शुल्क से संबंधित मामले ।
  16. भारत सरकार (बीएसईएस/टाटा) की गारंटी शुल्क से संबंधित मामले ।
  17. आईपीपी से संबंधित सीमाशुल्क और केन्द्रीय उत्पाद शुल्क से संबंधित मामले ।
  18. निजी / सार्वजनिक भागीदारी – बूट /ब्लोट /बीओओ नीति ।
  19. विभिन्न् स्त्रोतों के प्राकृतिक गैस के उपयोग के लिये दीर्घकालिक नीति तैयार करने के लिये कार्यबल का गठन ।

प्रशिक्षण एवं शोध

  1. केन्द्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान और राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान से संबंधित सभी प्रशासनिक और वित्तीय मामले ।
  2. विद्युत क्षेत्र में प्रशिक्षण और अनुसंधान से संबंधित सभी नीतिगत मामले ।
  3. विद्युत प्रणाली प्रशिक्षण संस्थान, होट लाइन ट्रेनिंग प्रशिक्षण केन्द्र से संबंधित मामले ।
  4. केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण की एचआरडी योजना ।
  5. मार्च 1998 के बाद केन्द्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) के माध्यम से विद्युत पर अनुसंधान योजना (आरएसपी) सं संबंधित सभी मामले ।
  6. सभी धरेलू और विदेशी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिये अधिकारियों का नामांकन सिवाय (1) संबंधित स्कंधों से संबद्ध परियोजनाओं से संबंधित विदेशी प्रशिक्षण (2) प्रशासन-॥ अनुभाग से संबद्ध रहे आईएसटीएम प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्रभाग से संबद्ध द्धिपक्षीय करारों से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम के ।

नीति एवं योजना

  1. विद्युत मंत्रालय के लिये वार्षिक योजना को अंतिम रूप दिया जाना ।
  2. विद्युत मंत्रालय के लिये पंचवर्षीय योजना को अंतिम रूप दिया जाना ।
  3. पीएंडपी अनुभाग से संबंधित संसद प्रश्न / आश्वासन ।
  4. क्षमता अभिवृद्धि कार्यक्रम ।
  5. कर, वित्त और समन्वय अनुभागों से प्राप्त संदर्भ ।
  6. विद्युत परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा / केन्द्रीय क्षेत्र विद्युत परियोनाओं की समय से कार्यान्वयन की निगरानी ।
  7. यदि पंचवर्षीय योग्य है तो माध्यमिक मूल्यांकन ।
  8. विश्व उर्जा परिषद (डब्ल्यूईसी) मामले डब्ल्यूईसी-आईएमसी की बैठकें और कार्यक्रम
  9. ईंधन नीति ।
  10. अंतर्राष्ट्रीय उर्जा अभिकरण (आईए) से संबंधित मामले ।
  11. शून्य आधारित बजटीय प्रणाली के अंतर्गत समीक्षा योजनाएं ।
  12. वास्तविक और वित्तीय प्रगति अथवा 100 करोड़ रूपये या अधिक मूल्य की चल रही बड़ी परियोजनाओं  पर योजना आयोग मे तिमाही निष्पादन समीक्षा (क्यूपीआर) बैठकों के लिये सामग्री ।
  13. 20 करोड़ रूपये के अभवा उससे अधिक की लागत की निर्माणाधीन परियोजना के संबंध में मंत्रिमंडल सचिवालय में समीक्षा बैठकें - आंकडे प्रस्तुत करना ।
  14. विभिन्न मुद्दों जैसे उत्पादन कार्यक्रमों, निकासी योजनाओं और ग्रिड प्रबंधन के मामले पर विचार करने के लिये सचिव (विद्युत) की अध्यक्षता में उर्जा समन्वय समिति – बैठकों का आयोजन और अनुवर्तन ।
  15. उर्जा का सतत विकास ।
  16. समय समय पर सौंपे गये अन्य विविध कार्य ।
  17. पी एंड पी अनुभाग से संबंधित वीआईपी संदर्भ ।
  18. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय से प्राप्त फ्लैश रिपोर्ट / एक्सेप्शन रिपोर्ट ।

अंतर्राष्ट्रीय समन्वय

  1. तल विद्युत, ताप विद्युत, पारेषण उर्जा संरक्षण के क्षेत्र में विद्युत क्षैत्र में विभिन्न देशों और बहुराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ अंतर्राष्ट्रय सहयोग से संबंधित मामले (विकरणीय उर्जा से संबंधित मामलों को छोड़कर जो कि गैर-परंपरागत उर्जा स्त्रोत मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आते हैं) ।
  2.  बाहरी सहायता को जोड़ना / देश में विद्युत परियोजनाओं के लिये बाहरी व्यवस्था / बहु-उद्देश्यीय निधियों की व्यवस्था जिसके लिये विद्युत मंत्रालय एक नोडल मंत्रालय है ।
  3.  परियोजना का शेल्फ बनाना जिसमें बाह्य सहायता या बहुपक्षीय वित्तपोषण की व्यवस्था हो । विद्युत क्षेत्र उपक्रमों / राज्य सार्वजनिक यूटिलिटियों के नये प्रस्तावों पर कार्रवाई संबंधित प्राधिकरणों से अनुशंसाएं प्राप्त होने पर बाहरी वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिये वित्त मंत्रालय को प्रस्तुत करना ।
  4.  विद्युत क्षेत्र में, जिसके लिये विद्युत मंत्रालय एक नोडल मंत्रालय है, में विभिन्न देशों के साथ विद्युत क्षेत्र में विभिन्न कार्य समूहों की बैठकों, दौरों, एजेंडा पेपरों को जारी करना, कार्यवृत्त आदि के लिये व्यवस्था ।
  5.  एडीबी/ विश्व बैंक द्वारा भेजे गये विद्युत क्षेत्र के संबंध में विभिन्न पत्रों/ दस्तावेजों का फंड ।
  6.  अंतर-मंत्रालयी बैठकों, संयुक्त कार्य दलों की बैठकों और संयुक्त आयोगों की बैठाकें के संबंध में अन्य मंत्रालयों/ दूतावासों को भेजने के लिये विभिन्न प्रस्तुतियों / अन्य सामग्रियों की तैयारी ।
  7. प्रतिनियुक्त /विदेशी शिष्टमंडल (विभिन्न डैस्कोँ /अनुभागों द्वारा देखे जाने वाले उपक्रम/प्रस्ताव आदि से संबंधित मामलों को छोड़कर) जहां कहीं मंत्रियों की विदेश से प्रतिनियुक्ति तथा अपर सचिव के स्तर से ऊपर के अधिकारियों की आवश्यकता है, उनके लिये और सचिवों की स्क्रीनिंग कमेटी का अनुमोदन प्राप्त करना ।
  8. अंतर्राष्ट्रीय निकायों जैसे सार्क, सासेक, विम्स्टेक और यूएसएआईडी कार्बन सी क्वेस्ट्रेश्न लीडरशिप फोरम (सीएसएलएफ), भारत-अमरीकी द्धिपक्षीय विचार विमर्श समूह में भागीदारी ।
  9. सचिव / मंत्री के साथ विदेशी शिष्टमंडलों के साथ बैठकों के लिये देश से संबंधित सारपत्र और नोट को अद्यतन करना ।

पावर फायनेंस कारपोरेशन

  1. पावर फायनेंस कारपोरेशन से संबंधित सभी मामले ।
  2. राज्य विद्युत बोर्ड / यूटिलिटियों का मूल्यांकन ।
  3. सॉफ्टवेयरों की खरीद के साथ् सूचना प्रोद्यौगिकी से संबंधित सभी मामले ।
  4. पीएफसी/आरईसी द्वारा वित्तपोषण की सामान्य पंहुच – पीएफसी/आरईसी द्वारा ऋण की स्वीकृति के लिये एकसमान मानदण्ड अपनाना ।
  5. विदेशी विनिमय ।

सुधार और पुनर्संगठन

  1. अधिनियम और विधायन ।
  2. विद्युत अधिनियम-2003 का अधिनियम – अधिनियम के प्रावधानों का कार्यान्वयन – अधीनस्थ विधायन, अन्य अधिसूचनाएं स्पष्टीकरण आदि – विद्युत क्षेत्र पर राज्य विशिष्ट अध्यादेशों / बिलों की जांच ।
  3. अधनियम के अंतर्गत नीतियां – विद्युत क्षेत्र निवेशों और सुधारां पर कार्यबल – राष्ट्रीय विद्युत नीति और प्रशुल्क नीति ।
  4. केन्द्रीय विद्युत विनियामक आयोग (सीईआरसी)/राज्य विद्युत विनियामक आयोग (एसईसीआरसी) से संबंधित मामले ।
  5. विद्युत के लिये अपीलीय अधिकरण से संबंधित मामले (विद्युत अधनियम-2003 के प्रावधानों के अंतर्गत स्थापित) ।
  6. सुधार ।
  7. सभी राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों के विद्युत क्षेत्रों के सुधारों और पुनर्संगठनों की निगरानी – एसईवी /यूटी आदि से संबंधित मामले ।
  8. राज्यों का पुनर्गठन ।
  9. मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तरप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 कार्यान्वयन से संबंधित मामले – पुनर्गठित राज्यों के परवर्ती विद्युत क्षेत्रों के मध्य परिसंपत्तियां और देयताओं का विभाजन ।
  10. विद्युत मंत्रालय के संबंध में सतर्कता और सुरक्षा से संबंधित मामले और विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियत्रण अधीन केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम और स्वायत्त निकाय ।
  11. गोपनीय रिपोर्टों का रखरखाव ।

सहायक निदेशक (राजभाषा)

  •  राजभाषा और इसकी नीति का कार्यान्वयन ।

ग्रामीण विद्युतीकरण

  1. देश में ग्रामीण विद्युतीकरण कार्यक्रम में संबंधित सभी मामले।
  2. रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कारपोरेशन से संबंधित सभी मामले
  3. आर.ई. कार्यक्रम के लिए निधियां जारी करना
  4. उपर्युक्त पर संसदीय प्रश्न

प्रचालन प्रबोधन

  1. क्षेत्रीय विद्युत ग्रिडों का प्रचालन प्रबोधन।
  2. देश में विद्युत आपूर्ति का समीक्षा।
  3. राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को केंद्रीय क्षेत्र विद्युत स्टेशनों से विद्युत के आबंटन के लिए प्रतिपादन/दिशा-निर्देश।
  4. भूकंप, चक्रवात, बाढ़ आदि जैसी प्राकृतिक विपदाओं के लिए आपदा/संकट प्रबंधन योजना।
  5. देश में विद्युत यूटिलिटियों के लिए वार्षिक विद्युत उत्पादन लक्ष्य।
  6. प्रचालनरत विद्युत स्टेशनों को कोयले की आपूर्ति/कोयला एवं रेल मंत्रालय के साथ समन्वयन। मंत्रिमंडल सचिवालय में अवसंरचना अवरोध संबंधी बैठक।
  7. प्रचालनरत विद्युत स्टेशनों के लिए कोयला निवेश।
  8. देश में विभिन्न ताप विद्युत स्टेशनों की ईंधन आपूर्ति संबंधी समस्याओं के समाधान।
  9. स्थायी लिंकेज समिति(अल्पकालीन)-ताप विद्युत स्टेशनों से कोयले का त्रैमासिक लिंकेज ।
  10. सैंपलिंग और कोयले के विश्लेषण से संबंधित मामले।
  11. समय-समय पर राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को केंद्रीय क्षेत्र उत्पादन स्टेशनों के अनाबंटित कोटे (15%) से विद्युत का आबंटन।
  12. एसईबी, कोयला खानों इत्यादि के कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान विद्युत आपूर्ति के अनुरक्षण के लिए आकस्मिक योजना।
  13. नेपाल, भूटान, पाकिस्तान इत्यादि जैसे पड़ोसी देशों के साथ विद्युत विनिमय।
  14. ताप विद्युत स्टेशनों को उत्कृष्ट उत्पादकता एवं प्रोत्साहन अवार्ड।
  15. वीवीआईपी एवं नीतिगत क्षेत्रों सहित दिल्ली को विद्युत आपूर्ति।
  16. वृद्धि केंद्रों, संकट एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित अंतरमंत्रालयी समूह की बैठक  से संबंधित मामले।

एपीडीआरपी सेल

  1. एपीडीआरपी के अंतर्गत प्रस्तावों की जांच, संस्वीकृति आदेश जारी करने से संबंधित मामले तथा राज्य सरकार/एसईबी/यूटिलिटियों तथा भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों/विभागों के साथ पत्राचार।
  2. त्वरित विद्युत विकास एवं सुधार कार्यक्रम का प्रबोधन।
  3. राज्य सरकारों/एसईबी/यूटिलिटियों के साथ समझौता करार/समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करना एवं प्रबोधन।
  4. यूनाइटेड स्टेट एजेंसी फार इंटरनेशनल डेवलेपमेंट द्वारा सहायता प्रदत्त वितरण सुधार उन्नयन एवं प्रबंधन (डीआरयूएम) परियोजना।
  5. एपीडीआरपी के लिए नियुक्त सलाहकार सह-परामर्शक से संबंधित मामले।
  6. क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण एवं प्रतिनियुक्ति से संबंधित मामले।
  7. एसईबी की रेटिंग।
  8. एसईबी के प्रोत्साहन दावे की संवीक्षा।
  9. एसईबी/यूटिलिटियों की सर्वोत्तम प्रैक्टिस।
  10. ऊर्जा लेखा परीक्षा एवं ऊर्जा लेखांकन।
  11. बैठकों, सम्मेलनों, प्रस्तुतियों का आयोजन एवं कार्यवृत्त की रिकार्डिंग।
  12. प्रश्नों के उत्तर, आश्वासन, अनुपूरक तथा संक्षिप्तियां तैयार करने से संबंधित संसदीय मामले।
  13. संसदीय स्थायी समिति एवं परामर्शदात्री समितियों से संबंधित मामले।
  14. मंत्रिमंडल बैठकों के लिए नोट एवं संक्षिप्तियों की तैयारी।
  15. एपीडीआरपी के अंतर्गत गठित विभिन्न समितियों तथा कार्यबलों की प्रगति का प्रबोधन तथा विद्युत मंत्रालय द्वारा स्वीकार किए जाने के लिए प्रस्तुत रिपोर्टों की जांच।

थर्मल-।

  1. एनटीपीसी लिमिटेड के सीएमडी, पूर्णकालिक निदेशकों तथा अंशकालिक निदेशकों एवं मंडल के नामित निदेशकों के चयन तथा नियुक्ति से संबंधित मामले।
  2. एसीसी रिक्ति प्रबोधन एवं पदधारण स्थिति।
  3. गैस की आपूर्ति, गैस का मूल्य निर्धारण, गैस का परिवहन, गैस लिंकेज समिति से संबंधित मामले।
  4. 800 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल प्रौद्योगिकी की शुरूआत।
  5. राष्ट्रकुल खेल परियोजनाओं की उच्च अधिकार प्राप्त प्रबोधन समिति।
  6. बीटीपीएस संबंधी मुद्दे।
  7. संबंधित विषयों से जुड़े आरटीआई मामले।
  8. सीओपीयू, ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति, संसदीय परामर्शदात्री समिति से संबंधित मामले।
  9. विद्युत मंत्रालय एवं एनटीपीसी के बीच समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने की जांच एवं सुविधाजनक बनाना।
  10. एनटीपीसी की तिमाही निष्पादन समीक्षा।
  11. एनटीपीसी की लेखापरीक्षा के मामले। न्यायालय वाद से संबंधी मामले।
  12. उपर्युक्त विषय से संबंधित पीएमओ/वीआईपी संदर्भ।
  13. उपर्युक्त विषय पर संसदीय प्रश्न/आश्वासन।
  14. समय-समय पर सौंपा गया कोई भी अन्य मामला।

थर्मल-॥

  1. एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा नई विद्युत परियोजनाएं स्थापित किए जाने वाले प्रस्तावों पर कार्रवाई।
  2. मेगा स्थिति प्रमाणपत्र।
  3. विद्युत का आबंटन।
  4. छूट प्राप्त सीमा शुल्क छूट प्रमाण पत्र इत्यादि।
  5. परियोजना प्रभावित व्यक्तियों के मुद्दों सहित उपर्युक्त मामलों पर संदर्भ।
  6. एनटीपीसी, डीवीसी तथा राज्य क्षेत्र विद्युत परियोजनाओं को कोयला ब्लॉक आबंटन, कोयला लिंकेज से संबंधित मामले।
  7. कोयला खनन एवं एफएसए मुद्दों से संबंधित मामले।
  8. वार्षिक रिपोर्ट से संबंधित तथा वार्षिक रिपोर्ट को संसद में प्रस्तुत करने से संबंधित मामले।
  9. एनटीपीसी लिमिटेड के मंडल स्तरीय अधिकारियों की बाहरी प्रतिनियुक्ति।
  10. एनटीपीसी के संयुक्त उद्यम से संबंधित मामले।
  11. याचिका समिति एवं अधीनस्थ विधेयक समिति से संबंधित मामले।
  12. संबंधित विषयों से जुड़े आरटीआई मामले।
  13. विद्युत मंत्रालय के समन्वय एवं अन्य अनुभागों से संबंधित मामले।
  14. उपर्युक्त विषय से संबंधित वीआईपी/पीएमओ संदर्भ।
  15. उपर्युक्त विषय पर संसदीय प्रश्न।
  16. समय-समय पर सौंपा गया कोई भी अन्य मामला।

थर्मल-III

  1. राज्य ताप परियोजनाओं से संबंधित मामले।
  2. राज्य ताप विद्युत परियोजनाओं के क्षमता अभिवृद्धि कार्यक्रम का प्रबोधन।
  3. ताप स्कन्ध के साथ समन्वयन।
  4. ताप विद्युत संयंत्रों का नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण।
  5. त्वरित विद्युत विकास कार्यक्रम।
  6. विश्व ऊर्जा परिषद से संबंधित मामले।
  7. थर्मल-IV/डीवीसी।
  8. अध्यक्ष, डीवीसी; सचिव, डीवीसी; वित्तीय सलाकार, डीवीसी तथा डीवीसी मंडल के अंशकालिक सदस्यों के चयन और नियुक्ति से संबंधित मामले।
  9. डीवीसी अधिनियम, 1948 के संशोधन पर मंत्रिमंडल नोट तैयार करने से संबंधित मामले।
  10. संसद के दोनों सदनों में डीवीसी की वार्षिक एवं लेखा परीक्षा रिपोर्ट/वार्षिक बजट रिपोर्ट प्रस्तुत करना।
  11. डीवीसी द्वारा स्थापित की जा रही परियोजनाओं को मेगा परियोजना की स्थिति प्रदान करने से संबंधित मामले।
  12. डीवीसी परियोजनाओं के लिए ऋण अनुमोदनों की संस्वीकृति/जारी करना।
  13. डीवीसी परियोजनाओं के लिए उपकरणों/सामान के आयात के लिए अनिवार्यता प्रमाण पत्र की संस्वीकृति/जारी करना।
  14. डीवीसी की तिमाही निष्पादन समीक्षा बैठकों का आयोजन।
  15. डीवीसी की तत्कालिक/महत्वपूर्ण समस्याओं/मुद्दों के समाधान के लिए बैठकों का आयोजन।
  16. विद्युत मंत्रालय तथा डीवीसी के बीच हस्ताक्षर किए जाने के लिए समझौता ज्ञापन की जांच करना एवं सुविधाजनक बनाना।
  17. सीओपीयू, ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति, संसदीय परामर्शदात्री समिति से संबंधित मामले।
  18. उपर्युक्त विषय से संबंधित पीएमओ संदर्भ/वीआईपी संदर्भ।
  19. उपर्युक्त विषय पर संसदीय प्रश्न/आश्वासन से संबंधित कार्य।
  20. डीवीसी से संबंधित लेखा परीक्षा मामले/न्यायालय मामले।
  21. संबंधित विषयों से जुड़े आरटीआई मामले।
  22. वीआईपी संदर्भों का तिमाही विवरण प्रस्तुत करना।
  23. समय-समय पर सौंपा गया कोई भी अन्य मामला।

प्रशासन-।

  1. सेन्ट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथोरिटी के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति।
  2. केंद्रीय विद्युत अभियांत्रिकी (समूह-क) सेवा (सीपीईएस) का, जिसमें सेवा के प्रारंभिक स्तर पर निदेशक की नियुक्ति, उनकी पदोन्नति तथा परस्पर वरिष्ठता निर्धारित करने सहित संवर्ग नियंत्रण एवं प्रबंधन।
  3. सीपीईएस से संबंधित भर्ती नियमावली।
  4. सीपीईएस के सेवा मामलों के संबंध में सीईए को स्पष्टीकरण।
  5. सीईए में समूह क एवं ख पदों का सृजन एवं समापन एवं जारी रखना।
  6. सीईए में सीपीईएस से इतर अन्य पदों की भर्ती नियमावली तैयार करना/संशोधन/छूट देना।
  7. सीईए से संबंधित संवर्ग समीक्षा/एसआईयू अध्ययन।
  8. क्षेत्रीय अनुभव हासिल करने के उद्देश्य से सीपीईएस के अधिकारियों की अन्य पीएसयू में प्रतिनियुक्ति।
  9. पदोन्नति एवं वरिष्ठता से संबंधित सभी मामले।
  10. सीपीईएस की सभी श्रेणियों की पदोन्नति तथा साथ ही साथ अन्य सेवाओं से सीपीईएस के निम्नतम स्तर की पदोन्नति से संबंधित डीपीसी मामलों पर कार्रवाई।
  11. सीपीईएस के अधिकारियों के संबंध में संपुष्टि/परिवीक्षा स्वीकृति।
  12. सीपीईएस अधिकारियों के त्यागपत्र तथा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति से संबंधित मामले।
  13. सीईए द्वारा वेतन निर्धारण, भत्तों, छुट्टी, कार्यभारग्रहण समय, एलटीसी, पेंशन, अग्रिम इत्यादि से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर मांगे गए स्पष्टीकरण।
  14. सीईए के अधिकारियों को अन्य संगठनों में आमेलित करने तथा उनके पेंशन मामलों से संबंधित कार्य।
  15. स्थानान्तरण/नियुक्ति/सेवा में बहाली इत्यादि से संबंधित अनुरोध।
  16. अन्य संगठनों में प्रतिनियुक्ति के लिए सीईए के अधिकारियों के आवेदन पत्र अग्रेषित करना।
  17. सीपीईएस के अधिकारियों को सेवा निवृत्ति के पश्चात वाणिज्यिक रोजगार।
  18. बजट/वित्तीय संस्वीकृति, सेवा बॉन्ड्स की स्वीकृति इत्यादि से संबंधित अन्य विविध मामले
  19. कार्य की उपयुक्त मदों से संबंधित न्यायालय/सीएटी मामले।
  20. विद्युत मंत्रालय एवं सीपीईएस के अधिकारियों से संबंधित अनुशासनिक मामले।
  21. मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन सभी सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों, स्वशासी तथा सांविधिक निकायों के संबंध में, नियुक्ति संबंधी मंत्रीमंडल समिति (एसीसी) के अनुमोदन से की गई नियुक्तियों के मामले में सचिव (विद्युत) को पदधारित स्थिति की प्रस्तुति।
  22. मंत्रिमंडल सचिव की सूचनार्थ एसीसी रिक्ति अनुरक्षण प्रणाली (एबीएमएस) का अनुरक्षण/अद्यतन।
  23. विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत सभी पीएसयू के संबंध में सार्वजनिक उद्यम चयन मंडल(पीईएसबी) द्वारा कार्यान्वित ई-गवर्नेंस परियोजनाओं का समन्वयन।

प्रशासन-॥

  1. 1. निम्नलिखित से संबंधित सभी मामलों का प्रबंधन
    1. केंद्रीय स्टाफिंग स्कीम के अंतर्गत विद्युत मंत्रालय में वरिष्ठ स्तर के पद;
    2. विद्युत मंत्रालय में सीएसएस की केंद्रीकृत श्रेणियां जैसे कि अवर सचिव, उप सचिव, निदेशक;
    3. सीएसएस, सीएसएसएस तथा सीएससीएस का विद्युत मंत्रालय संवर्ग;
    4. विद्युत मत्रालय में समूह घ से संबंधित विभिन्न श्रेणियां;
    5. विद्युत मंत्रालय में गैर-संवर्ग पद; तथा
    6. विद्युत मंत्री (मंत्रियों) की वैयक्तिक स्थापना।
    2. विद्युत मंत्रालय में समूह ग, समूह घ तथा पृथक समूह क और समूह ख पदों की भर्ती नियमावली तैयार करना एवं संशोधन करना;
    3. विद्युत मंत्रालय में कार्य का आबंटन;
    4. विद्युत मंत्रालय के कर्मचारियों के सेवा संबंधी मामले संभालना। इनमें उनकी सेवा एवं छुट्टी के रिकार्ड का अनुरक्षण; वेतन निर्धारण परिवीक्षा स्वीकृति, संतुष्टि आदि का अनुरक्षण शामिल है;
    5. संवीक्षा समिति के विचारार्थ, निश्चित कैरियर उन्नति स्कीम के अंतर्गत वित्तीय उन्नयन दिए जाने के लिए परिपक्व मामलों पर कार्रवाई;
    6. विद्युत मंत्रालय से संबंधित इष्टतमीकरण स्कीम का कार्यान्वयन;
    7. विद्युत मंत्रालय से संबंधित केंद्रीय सचिवालय सेवा के पुनःगठन के संबंध में डीओपीटी के आदेशों का क्रियान्वयन;
    8. विद्युत मंत्रालय के कर्मचारियों से संबंधित पैंशन संबंधी सभी मामलों पर कार्रवाई। इनमें निम्नलिखित शामिल है :-
    9. ''सेवा रिकार्ड एवं छुट्टी खाते को अद्यतन करना'' ''संपदा निदेशालय और मंत्रालय से बेबाकी प्रमाणपत्र प्राप्त करना'', पेंशन संबंधी लाभ का आकलन, पेंशन संबंधी कागजातों को पूरा करना तथा उन्हें संवीक्षा किए जाने और आवश्यक प्राधिकरण जारी करवाए जाने हेतु पीएओ को भेजना। इसके पश्चात पेंशन मामले को समय पर अंतिम रूप दिए जाने के लिए वेतन एवं लेखा कार्यालय के साथ पत्राचार किया जाता है ताकि सेवा निवृत्ति की तिथि तक आवश्यक प्राधिकार जारी किए जा सके;
    10. पीएसयू आमेलितों के मामले में आमेलन के समय संराशीकृत पेंशन के एक-तिमाही अंश की पुनःस्थापना/वापसी;
    11. सीसीएस (पेंशन) नियमावली के नियम 32 के संदर्भ में, विद्युत मंत्रालय के कर्मचारियों की 25 वर्षों की सेवा पूरी होने पर अथवा उनके सेवानिवृत्ति में पांच साल बचने पर अर्हक सेवा का सत्यापन;
    12. विद्युत मंत्रालय के कर्मचारियों के सभी दीर्घकालीन एवं अल्पकालीन अग्रिमों यथा गृह निर्माण अग्रिम, कार अग्रिम, कंप्यूटर अग्रिम, स्कूटर अग्रिम, साइकिल अग्रिम त्योहार अग्रिम इत्यादि की स्वीकृति के आवेदन पत्रों पर कार्रवाई; साथ ही गृह निर्माण अग्रिम के मामलों में संपत्ति के द्वितीय बंध-पत्र की अनुमति के आवेदनों पर  कार्रवाई करना, विद्युत मंत्रालय से संबंधित कल्याणकारी कार्य;
    13. विद्युत मंत्रालय संवर्ग के कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों के सेवा मामलों से संबंधित न्यायालयी मामले;
    14. समय-समय पर आयोजित आम एवं अन्य चुनावों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों तथा मतदान दलों की नियुक्ति;
    15. विद्युत मंत्रालय में मानदेय दिए जाने के प्रस्तावों पर कार्रवाई;
    16. सेवा संबंधी शिकायतों आदि के संदर्भ में प्राप्तवीआईपी संदर्भों को निपटाना;
    17. समय-समय पर सौंपे जाने वाले विविध मामले;

    प्रशासन-III

    1. विद्युत मंत्रालय के सामान्य प्रशासनिक मामले।
    2. विद्युत मंत्रालय के कर्मचारियों के लिए सीजीएचएस सुविधाओं के प्रावधान से संबंधित सभी मामले।
    3. संपदा कार्यालय से संबंधित मामले।
    4. केंद्रीय पंजीकरण इकाई।
    5. विभागीय अभिलेख कक्ष।
    6. केंद्रीय पंजीकरण (सीआर) इकाई।
    7. सारी डाक की प्राप्ति एवं जारी करना।

    अनुसूचित जाति/जनजाति कक्ष

    1. मंत्रालय एवं साथ ही साथ विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन सीपीएसयू/संगठनों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, शारीरिक विकलांग, भूतपूर्व सैनिकों एवं अन्य पिछड़े वर्गों से संबंधित भारत सरकार की आरक्षण नीतियों के कार्यान्वयन का प्रबोधन।
    2. विषय पर आवधिक रिपोर्ट/विवरणिकाएं समेकित करना तथा कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, सार्वजनिक उद्यम विभाग, सामाजिक न्यायकारिता एवं सशक्तिकरण मंत्रालय तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग आदि को भेजना।
    3. मंत्रालय (अपना) तथा इसके प्रशासनिक नियंत्रणाधीन सीपीएसयू/संगठनों द्वारा रखे गए आरक्षण रोस्टर्स का वार्षिक निरीक्षण करवाना।
    4. आरक्षित श्रेणियों के कर्मचारियों की शिकायतों का समाधान।

    संसद इकाई

    1. संसद के संसदीय प्रश्नों की सूचनाएं एकत्रित करना, उनका वितरण करना, स्वीकृत प्रश्नों की सूचियां जारी करना, संसदीय प्रश्नों के उत्तरों की प्राप्तियों की आपूर्ति लोक सभा तथा राज्य सभा, सचिवालयों, पीएमओ, पीआईबी इत्यादि को करना। मंत्रियों, सचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के लिए तारांकित प्रश्नों के पैड तैयार करना, तारांकित प्रश्नों के संबंध में मंत्रियों की संक्षेपण बैठकों का प्रबंध इत्यादि करना।
    2. संसदीय प्रश्नों को इंटरनेट पर डालने के लिए उन्हें इलैक्ट्रानिक रूप से लोकसभा तथा राज्य सभा को अंतरित करना।
    3. विद्युत मंत्रालय से संबंधित सरकारी विधायी कार्य का समन्वयन।
    4. प्रत्येक अंतर सत्र तथा अंतरा-सत्र के दौरान संसद सदस्यों की परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित किए जाने का प्रबंध करना जिसमें प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में एक बार दिल्ली से बाहर आयोजित की जाने वाली बैठक शामिल है। परामर्शदात्री समिति की बैठकों के कार्यवृत्त तथा अनुवर्ती कार्रवाई नोट जारी करना1
    5. संसदीय समितियों के देश के विभिन्न भागों में दौरे तथा साथ ही साथ नई दिल्ली में आयोजित बैठकों से संबंधित प्रबंध करना तथा :
    1. विभाग संबंधी ऊर्जा स्थायी समिति;
    2. सरकारी आश्वासनों संबंधी लोकसभा/राज्य सभा समिति;
    3. सदन पटल पर प्रस्तुत कागजात संबंधी लोकसभा/राज्यसभा समिति;
    4. अधीनस्थ विधायी संबंधी लोकसभा/राज्यसभा समिति;
    5. याचिका संबंधी लोकसभा/राज्यसभा समिति;
    6. अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण संबंधी लोकसभा समिति;
    7. हितलाभ कार्यालय संबंधी संयुक्त लोकसभा समिति;
    8. आकलन समिति;
    9. सार्वजनिक उपक्रम संबंधी समिति। इन समितियों की रिपोर्ट की जांच तथा उनमें की गई सिफारिशों/टिप्पणियों पर अनुवर्ती कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करना। अन्य मंत्रालयों से संबद्ध विभाग के विभिन्न भागों के दौरों से संबंधित कार्य।
    6. लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत तथा राज्य सभा में विशेष उल्लेख के द्वारा उठे मामलों से संबंधित कार्य।
    7. विविध संसदीय कार्य।

    आहरण एवं संवितरण कार्यालय(रोकड़)

    1. सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन बिल।
    2. वेतन एवं भत्तों का आहरण एवं संवितरण।
    3. स्रोत पर आय कर की गणना और कटौती।
    4. टीडीएस प्रमाणपत्र जारी करना।
    5. जीपीएफ के लेखा का अनुरक्षण तथा संबंधित बिलों को तैयार करना।
    6. बिल एवं दीर्घकालीन अग्रिम के लेखों का अनुरक्षण।
    7. यात्रा भत्ता बिल तथा एलटीसी बिल।
    8. आकस्मिकता से संबंधित बिल।
    9. चिकित्सा अग्रिम एवं प्रतिपूर्ति के बिल।
    10. मंत्रालय के व्यय को नियमित तथा नियंत्रित करने के लिए व्यय नियंत्रण रजिस्टरों का अनुरक्षण। वित्त मंत्रालय को तिमाही रिपोर्ट भेजना।
    11. वेतन एवं लेखा कार्यालय के साथ व्यय संबंधी आंकड़ों का समाधान।
    12. बजट आकलन।
    13. सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों को ऋण/इक्विटी और स्वशासी निकायों को सहायक-अनुदान से संबंधित बिल।
    14. लेखा परीक्षा दलों के साथ समाधान।

    एएल एंड आईओ

    • विद्युत मंत्रालय के पुस्तकालय के मामलों का प्रबंधन।

    राजभाषा अनुभाग

    • विद्युत मंत्रालय में राजभाषा नीति का कार्यान्वयन।

    बजट

    1. विद्युत मंत्रालय संबंधी मामले।
    2. संसदीय ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति।

    वित्त

    1. सभी प्रशासनिक मामले जिनमें वित्त सलाहकार की सलाह/सहमति अपेक्षित है।
    2. योजनागत तथा गैर योजनागत पदों का सृजन/उन्नयन/जारी करना।
    3. विदेश में प्रतिनियुक्ति संबंधी सभी मामले जिनमें वे मामले भी शामिल है जिनमें संवीक्षा समिति का अनुमोदन अपेक्षित है।
    4. कर्मचारियों के मानदेय, एसआईजी सदस्यों को टीए/डीए का भुगतान करने, जिन ठेकेदारों ने कार्यालयों का नवीनीकरण किया है, उनका भुगतान करने, समाचार पत्रों को विज्ञापन जारी करने, छपाई प्रभारों का भुगतान इत्यादि आदि करने के लिए निधियां जारी करने से संबंधित मामले।
    5. पदों के सृजन/विदेश में प्रतिनियुक्ति के संबंध में वित्त मंत्रालय को द्विमासिक रूप से सूचना प्रस्तुत करना।
    6. प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष करों के संशोधन के संबंध में हर दिशा से मिले सुझावों की जांच तथा संकलन करना और उन्हें आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल करने के लिए राजस्व विभाग को विचारार्थ अग्रेषित करना।
    7. एनएचपीसी, डीवीसी, बीटीपीएस, टीएचडीसी, एनजेपीसी, नीपको, आरईसी, पीएफसी की बैठकें आयोजित करने सहित सभी परियोजना मूल्यांकन मामले।
    8. शक्तियों के प्रत्यायोजन/योजनागत तथा गैर-योजनागत स्कीमों से संबंधित संघ राज्य क्षेत्रों के मामले।
    9. विद्युत मंत्रालय तथा इसके प्रशासनिक नियंत्रणाधीन सीपीयू तथा स्वशासी निकायों में वित्त से संबंधित सभी मामले।

    10. परियोजनाओं अथवा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों को ऋणों तथा इक्विटी जारी करना। ऊर्जा संरक्षण स्कीमों के लिए विभिन्न संगठनों को/ स्वशासी निकायों को उनकी योजनागत स्कीमों के लिए सहायक अनुदान जारी करना।
    11. पूर्व पीआईबी बैठकों के आयोजन सहित सभी परियोजना मूल्यांकन मामले।
    12. निगमों के वित्तीय मामलों से संबंधित मुद्दे।
    13. प्रचालन एवं प्रबोधन।
    14. विद्युत मंत्रालय से संबंधित जन सामान्य की शिकायतें।
    15. विद्युत मंत्रालय तथा इसके प्रशासनिक नियंत्रणाधीन सीपीएसयू एवं स्वशासी निकायों के पेंशनभोगियों की शिकायतें।

    शिकायत/आरटीआई कक्ष

    • आरटीआई मामलों के लिए नोडल कक्ष सहित लोक शिकायतों से संबंधित सभी मामले।

    एनआईसी कक्ष

    • राष्ट्रीय सूचना केंद्र(एनआईसी) का कंप्यूटर कक्ष विद्युत मंत्रालय के आईटी कक्ष के निकटतम समन्वयन में मंत्रालय को आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) सेवाएं प्रदान करता है। इन सेवाओं में नेटवर्क बैकबोन का प्रावधान, कुशल नेटवर्क सेवाएं, वेब सेवाएं, प्रणाली अपेक्षा अध्ययन, विभिन्न प्रबंधन सूचना प्रणालियों (एमआईएस) का प्रणाली अपेक्षा अध्ययन, डिजाइन एवं विकास/ मंत्रालय में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए निर्णय सहायता प्रणालियां (डीएसएस) तथा संबंधित प्रशिक्षण शामिल हैं।

    सूचना प्रौद्योगिकी कक्ष

    • एनआईसी कक्ष के समन्वय के साथ सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) कार्यान्वयन सुनिश्चित करना, इसमें नेटवर्क सेवाएं, मेल सेवाएं, वीडियो वार्ता, वेबसाइट अनुरक्षण/अद्यतन शामिल है। आईटी कक्ष वेबसाइट सामग्री ई-गवर्नेंस अनुप्रयोग के कार्यान्वयन तथा आईसीटी सहायता वाले अन्य पहलुओं के लिए मंत्रालय के विभिन्न अनुभागों/मंडलों से भी समन्वयन करता है।